Thursday, April 24, 2014

वर्षों की मुरझाई राजनीति ने
सोने का कमल खिलाया है
बीज , प्यार विश्वास का बोने
देश का बच्चा आया है
जात पात के बोझ को फेंकता
धर्मों के मतभेदों को उड़ेलता
गरीबी ,भ्रष्टाचार की बेड़ियोंको
नया सिपाही आया है
सोने का कमल खिलाया है
गंगा और साबरमती के संगम पर
आज बनारस हर्षाया है
सबने गले लगाया  है
वर्षों की मुरझाई राजनीति ने
सोने का कमल खिलाया है --------

बनारस के भाग्योदय पर विशेष ----

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