Thursday, July 30, 2015

3-4 दिनों से पश्चिमी दबाव् के कारण हुई बारिश ने शहर में अँधेरा कर रखा था
अँधेरा जैसा ९३ के ब्लास्ट ने मुंबई के आसमान में कर दिया था
पर आज सुबह से खिली धुप निकली है
कोनों में दबी कई दिनों की नमी अब सुख रही है
आज तड़के उसको फांसी दी गयी है। 

Monday, July 27, 2015

एक रौशनी रामेश्वरम के झोपड़े से निकली
बड़ी हुई और अग्निपंख लगाकर उड़ चली
मिसाइल बनी   मिसाल बनी
और बड़ी हुई तो सब के मन के अंदर जलने लगी
करोड़ों दीयों से भरा देश अचानक से जैसे अँधेरे में है आज!
हमारे सपनों के मकान से वो रौशनी चली गयी !