Saturday, July 27, 2019

चलो ! अगले इतवार पीछे लॉन में भीगते हैं |
बोस  के स्पीकर पर यानी को सुनते हैं
पकोड़े तुम बना लेना प्याज मैं काट देता हूँ
ख़ुशी तुम रख लेना आंसू मैं साथ रखता हूँ
चलो ! इस बार लॉन के फाउंटेन में कुछ मछली ही पाल लेते हैं |
चलो ! अगले इतवार पिछोला लेक चलते हैं |
गाड़ी  थोड़ा तुम चला लेना थोड़ा हम चला लेते हैं |
कहीं हाईवे के किनारे बोनट पर बैठकर
गर्म कॉफ़ी पीते हैं |
चलो ! इस बार बारिश की बूंदो को जीते

No comments:

Post a Comment