TITANIC -- on the verge of sinking-----
एक फ़र्ज़ को ज़िन्दगी की रोशनाई समझ बैठे हैं
उसके अनकहे अहसासों को रिसते दर्द का दवाई समझ बैठे हैं
क्या कहें हम क्यूँ ऐसे वहम कर बैठे हैं ?
वो हैं जो कहीं दूर सितमगर बन बैठे हैं---------------
एक फ़र्ज़ को ज़िन्दगी की रोशनाई समझ बैठे हैं
उसके अनकहे अहसासों को रिसते दर्द का दवाई समझ बैठे हैं
क्या कहें हम क्यूँ ऐसे वहम कर बैठे हैं ?
वो हैं जो कहीं दूर सितमगर बन बैठे हैं---------------
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