नियति कठपुतली की पर्याय है
जन जन को शिरोधार्य है
कौन बचा है कौन बचेगा
जब जब करती ये न्याय है
द्रौपदी के चीर हरण पर
पांडवों के वनवास वरन पर
कौरवों की हाय है
सैरंध्री की दुलारी नियति
कीचक् वध से दुस्साशन वध तक
पांडवों की संग्जाय है
कर्ण के धंसे रथ चक्र सी नियति
अभिमन्यु के चक्रव्यूह सी नियति
भीष्म के मृत्शैय्या सी नियति
लिखती महाभारत का अमर अध्याय है
कठपुतली की पर्याय है नियति
तांडव करती शिव काय है
कौन बचा है कौन बचेगा
जब जब करती ये न्याय है
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